
त्रिशा अपने रूम में बेड पर बैठ कर कुछ सोच रही थी। तभी वहा मधु आई और त्रिशा को ऐसे ख्यालों में खोए हुए देख कर बोली"क्या बात है?ऐसे शांत क्यों बैठी हुई है?"त्रिशा मधु के पूछने पर कहती है।"नही ऐसी कोई बात नही है, बस थोड़ी सी सर में दर्द है और कुछ नहीं।"
मधु त्रिशा के कंधे पर हाथ रखते हुए कहती है।"वैसे मैनें जो बोला उसके लिए सॉरी मेरा तुम्हें हर्ट करने का कोई इरादा नही था।पर क्या करू यहां ऐसा ही होता है।और मुझे जो समझ आया मैने बिना कुछ सोचे समझें उस टाइम तुमसे बोल दिया। अब प्लीज मुझे माफ़ कर देना यार।"...मधु के चेहरे पर उस के कहे बात का अफसोस था।



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